अदा

||अदा||



 


तुम्हारी अदा

सबको यूँ भाये !

जैसे भूखा कोई

भोजन पाये !!

 

मिलने को भरे आहें

आलिंगन को फैलाये बाहें !

तारीफ किये बिना

कोई न रह पाये!!





देख तेरी कोमल

कमसिन काया !

सभी के नयनों ने

तुमको सहराया !!





 

काश! कौन शख्स होगा?

जिसने इस खूबसूरत ताज पर

अपना ध्वज फहराया।